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सरकार के सपनों पर पानी फेर रहा उद्यान निरीक्षक रामेश्वर दयाल : बड़ा भ्रष्टाचार

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सरकार के सपनों पर पानी फेर रहा उद्यान निरीक्षक रामेश्वर दयाल : बड़ा भ्रष्टाचार

उद्यान निरीक्षक ने अपने बेटे की शादी में सरकारी खाते से किया भुगतान

करन देव शर्मा

पीलीभीत में उद्यान विभाग अक्सर चर्चाओं में रहता है जिसका कारण है वहां तैनात निरीक्षक रामेश्वर दयाल,
रामेश्वर दयाल शासन के आदेश का उल्लंघन करते हुए लगातार 20 वर्षों से जनपद पीलीभीत में तैनात है लंबे समय से तैनात होने के कारण ही पीलीभीत उद्यान विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है,

रामेश्वर दयाल ने गत वर्ष 25 हजार से अधिक पेड़ों का अवैध कटान कराया जिला प्रशासन मौन बना देखता रहा तमाम जिले के बड़े अधिकारी,आम की प्रजाति की परिभाषा ही खोजते रह गए और उद्यान विभाग में रामेश्वर दयाल निरीक्षक के द्वारा 10 हजार से अधिक आम के अवैध पेड़ कटवा दिए गए

गंगवार ने भ्रष्टाचार का खेल ऐसा खेलना शुरू किया कि अपने और जिला उद्यान अधिकारी के खाते में कई फर्जी पेमेंट लगा डाले
जबकि शासनादेश के अनुसार कोई अधिकारी कर्मचारी सरकारी खाते से पेमेंट अपने निजी खाते में नहीं डाल सकता पर इन आदेशों का गंगवार साहब पर कोई फर्क नहीं पड़ता

ऐसे ही भ्रष्टाचार के कई मुद्दों पर जब जिलाधिकारी से शिकायत की गई तो जिलाधिकारी के द्वारा जिला कृषि अधिकारी को जांच सौंप दी गई
जिला कृषि अधिकारी ने विश्वास के साथ 5 दिन में जांच पूरी कर जिलाधिकारी को सौंपने की बात कही, जांच करते हुए जिला कृषि अधिकारी ने जब उद्यान निरीक्षक से दस्तावेज मांगे तो निरीक्षक गंगवार ने जिला कृषि अधिकारी को गुमराह करने का काम किया वार्षिक प्रगति रिपोर्ट सहित तमाम जानकारियां फर्जी उपलब्ध कराई,
लेकिन जिला कृषि अधिकारी ने सूझबूझ से और शिकायतकर्ता के माध्यम से ओरिजिनल दस्तावेज हासिल किए इसके बाद जिला कृषि अधिकारी ने अपनी जांच में पाया कि उद्यान निरीक्षक गंगवार के द्वारा 161000, 186500 व 323 फल सब्जी की क्रिएटो का गवन किया गया है और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी लेकिन लंबा समय गुजरने के बाद भी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति से कार्यवाही करने की बात करने वाले जिले के बड़े अधिकारी भी अब तक उद्यान निरीक्षक गंगवार पर कोई कार्यवाही नहीं कर सके हैं आखिर अधिकारियों की इस बेवसी का कारण क्या है?
मामला यहीं नहीं रुका उद्यान निरीक्षक गंगवार ने हजारों फर्जी बिल लगाए,जिसमे पीलीभीत के राजा साहब के बेटे आयुष अग्रवाल पुत्र आदित्य अग्रवाल के नाम से भी निरीक्षक गंगवार ने उद्यान विभाग में फर्जी 125000 का बिल लगा दिया

*पूर्व में मुख्य विकास अधिकारी रहे कुमुमेंद्र कुमार के द्वारा निरीक्षक गंगवार को नोटिस भेज कर जबाब माँगा गया था किन्तु गंगवार के द्वारा नोटिस का फर्जी जवाब बनाकर दिया गया बावजूद इसके मुख्य विकास अधिकारी मौन बने रहे वर्तमान मुख्य विकास अधिकारी का भी लगभग यही हाल है*

निरीक्षक गंगवार के द्वारा आईजीआरएस का फर्जी निस्तारण किया गया जिसमें दिखाया गया कि टी. के कैटर्स को कोई पेमेंट नहीं किया गया शिकायतकर्ता ने असंतुष्टि का फीडबैक दिया तो डीडी बरेली श्याम कुमार गुप्ता के द्वारा भी फर्जी आईजीआरएस का निस्तारण किया गया *दरअसल निरीक्षक गंगवार को डीडी श्याम कुमार गुप्ता का भ्रष्टाचार में संरक्षण प्राप्त है*

*कई किसानों की शिकायत है कि उन्होंने अपने पैसे से खरीद कर बाग लगाए थे औरके निरीक्षक के द्वारा कहां गया कि विभाग से जब पेमेंट आएगा तब आपको पेमेंट कर दिया जाएगा लेकिन विभाग से पेमेंट तो आ गया निरीक्षक साहब उस पेमेंट को खा भी गए लेकिन किसान जस के तस रह गए अर्थात किसानों को कोई पेमेंट नहीं किया गया*

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