नवोदय विद्यालय में बगावत,150 छात्रों ने खुद को किया कमरे में बंद
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साइबर एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ अनुराग पटेल
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला बेहद गंभीर है हॉस्टल में रह रहे छात्रों ने विद्यालय प्रबंधन पर मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाते हुए खुद को कमरों में बंद कर लिया और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. मामला सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, जांच जारी है। एबीवीपी ने प्रदर्शन किया।
छात्रों ने कहा- मांगें नहीं मानी तो करेंगे आत्महत्या
छात्रों ने हॉस्टल के कमरों में खुद को बंद कर लिया और वीडियो के जरिए धमकी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आत्महत्या कर सकते हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही मौके पर भारी पुलिस बल, सीओ मितौली और एसडीएम पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
प्राचार्य और चपरासी पर गंभीर आरोप
छात्रों ने विद्यालय के प्राचार्य और चपरासी कमाल अहमद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि प्राचार्य उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं, विरोध करने पर टीसी देकर निकालने की धमकी देते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य जन्मदिन आदि मौकों पर छात्राओं से जबरन नृत्य करवाते हैं, जिससे छात्राएं अपमानित महसूस करती हैं. वहीं, चपरासी कमाल अहमद पर छात्रों को डराने-धमकाने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। कक्षा 9 के एक छात्र ने चेहरे पर गमछा बांधकर वीडियो रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसने कहा कि वह नाम नहीं बता सकता क्योंकि इससे उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. छात्रों का कहना है कि वे विद्यालय प्रबंधन या तहसील प्रशासन से किसी से भी बात करने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने तोड़े दरवाजे, एबीवीपी ने किया प्रदर्शन स्थिति को गंभीर होते देख पुलिस ने हॉस्टल के दरवाजे तोड़कर छात्रों को बाहर निकाला। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी विद्यालय पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। एबीवीपी ने प्राचार्य के तत्काल निलंबन और छात्रों की सुरक्षा की मांग की।
तैनात की गई मेडिकल टीम
स्थिति को संभालने के लिए सहायक आयुक्त मौके पर पहुंचे, और स्कूल परिसर में एम्बुलेंस और चिकित्सकों की टीम तैनात की गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके. प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।।