प्रो. उमापति दीक्षित को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा प्रोफेसर चेयर हेतु किया चयनित
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प्रो. उमापति दीक्षित को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा प्रोफेसर चेयर हेतु किया चयनित
-हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार हेतु आइसलैंड विश्वविद्यालय, रेकजाविक में देंगे शिक्षण
आगरा। हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करते हुए केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग के अध्यक्ष प्रो. उमापति दीक्षित को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आइसलैंड विश्वविद्यालय, रेकजाविक में प्रोफेसर चेयर के रूप में नियुक्त किया गया है। परिषद द्वारा इस आशय का आधिकारिक पत्र प्रो. दीक्षित को प्राप्त हो चुका है। वे आगामी सत्र में आइसलैंड में हिंदी भाषा और साहित्य का शिक्षण कार्य करेंगे।
प्रो. दीक्षित हिंदी आलोचना, तुलसी साहित्य, रामकाव्य परंपरा और भारतीय ज्ञान परंपरा के ख्यातनाम विद्वान हैं। वे पूर्व में संस्थान के विभिन्न विभागों – पूर्वोत्तर सामग्री निर्माण, अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण, नवीकरण एवं भाषा प्रसार – के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके निर्देशन में सौरत्न माला जैसे वृहद साहित्यिक परियोजनाओं का संपादन भी हुआ है। 15 से अधिक पुस्तकों के रचयिता और 115 से अधिक शोधपत्रों के लेखक प्रो. दीक्षित को थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका, सिंगापुर, नेपाल, भूटान सहित कई देशों में हिंदी के प्रतिनिधि रूप में आमंत्रित किया जा चुका है। उन्हें ग्लोबल हिंदी उत्कृष्टता सम्मान (सिंगापुर, 2024), भारत रत्न पं. मालवीय भाषा सम्मान (2020), थाई-भारत गौरव सम्मान (2023) जैसे अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि हिंदी भाषा प्रेमियों के लिए भी गौरव का विषय है। प्रो. दीक्षित का यह चयन वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति और हिंदी साहित्य के प्रभाव को और सशक्त करेगा।