सड़क दुर्घटना में बासौनी के पिता,दो पुत्र,दो भांजे व पुत्र के दोस्त सहित एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, परिवार में मचा कोहराम
1 min read
सड़क दुर्घटना में बासौनी के पिता,दो पुत्र,दो भांजे व पुत्र के दोस्त सहित एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, परिवार में मचा कोहराम
उजड़ गया घर का चिराग,माँ पति और बेटों की मौत की खबर से अनजान
बासौनी। थाना बासौनी क्षेत्र के अंतर्गत गांव हरलालपुरा निवासी एक ही परिवार व रिश्तेदार सहित छः लोगो की मथुरा में सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही मथुरा के बलदेव थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गयी। मथुरा पुलिस ने सभी शवो का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम को गांव में शव पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार थाना बासौनी क्षेत्र के अंतर्गत गांव हरलालपुरा निवासी 48 वर्षीय धर्मवीर सिंह पुत्र स्वर्गीय श्री जवाहर सिंह दिल्ली के समयपुर बादली में परिवार के साथ रहकर दिल्ली में कैटरिंग का काम करते थे। धर्मवीर सिंह प्रतिवर्ष सावन के महीने में बटेश्वर में अखंड रामायण का पाठ करने के बाद भंडारा कराते थे। बटेश्वर में धर्मशाला भी बुक कर दी थी। शुक्रवार रात को बटेश्वर में भंडारा कराने के लिए धर्मवीर सिंह उम्र 48 वर्ष अपनी पत्नी सोनी देवी उम्र गरीब 45 वर्ष बड़े बेटे रोहित उम्र करीब 24 वर्ष, छोटे बेटे आर्यन उम्र गरीब 22 वर्ष, बेटी पायल उम्र करीब 20 वर्ष अपने भांजे दलवीर सिंह 30 वर्ष व पारस सिंह उम्र 20 वर्ष निवासी गांव उसैथ बड़ापुरा थाना महुआ जिला मुरैना मध्य प्रदेश,बड़े पुत्र रोहित के दोस्त दुष्यंत 26 वर्ष निवासी दिल्ली के साथ इको कार से बटेश्वर आ रहे थे। तभी मथुरा में थाना बलदेव के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे 140 माइलस्टोन पर इको ट्रक में घुस गई।सड़क दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षति ग्रस्त हो गये।जिसमें धर्मवीर, बड़े बेटे रोहित, छोटे बेटे आर्यन, भांजे दलवीर व पारस व पुत्र के दोस्त दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी सोनी देवी व पुत्री पायल गंभीर रूप से घायल हो गयी।सभी को सूचना पर पहुंची पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।जहां से उन्हें गंभीर स्थिति में आगरा रेफर कर दिया गया है। वहीं मथुरा पुलिस ने मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम करीब 4 बजे मृतकों के शव गांव हरलालपुरा पहुंचे। गांव में एक साथ पिता पुत्रो के शव देख गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उसके बाद ग्रामीणों व परिजनों ने पिता और दोनों पुत्रों का गांव में चंबल नदी किनारे अंतिम संस्कार किया है।
गांव में एक साथ जली पिता – पुत्र की चिताये,गांव में नहीं जले चूल्हे,
धर्मवीर व धर्मवीर के पुत्र रोहित व आर्यन की मौत के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई।गांव में किसी के घर पर भी चूल्हा नहीं जला। देर शाम को तीनों के शव का चंबल नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया।
20 से 25 साल से दिल्ली में रहकर कर रहे थे कैटरिंग का काम
ग्रामीणों ने बताया कि धर्मवीर करीब 25 साल पहले दिल्ली निकल गये थे।दिल्ली में हलवाई का काम करते थे। धीमे-धीमे कैटरिंग का काम करने लगे। बड़ा बेटा रोहित,छोटा बेटा आर्यन और पुत्री पायल दिल्ली में रहकर ही पढ़ाई कर रहे थे।
फूट फूट कर रोई बहन, किसको बांधेगी राखी