2 साल से लगी थी सील, फिर शुरू हुआ कमर्शियल बिल्डिंग का कार्य बना चर्चा का विषय
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2 साल से लगी थी सील, फिर शुरू हुआ कमर्शियल बिल्डिंग का कार्य बना चर्चा का विषय
-तेजी से गुपचुप तरीके से ऑन रोड चल रहा अवैध निर्माण, ना पार्किंग और ना ओपन एरिया
-सांठ-गांठ का लगा आरोप, भूखंड स्वामी ने दबंगों को बनाया पार्टनर, अधिकारियों से की गई शिकायत
आगरा। जहां एक ओर आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) उपाध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी शहर में अवैध निर्माण ना होने देने का दावा करते हैं। आवास विकास प्राधिकरण द्वारा आए दिन सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण कार्यवाही करने और अवैध निर्माणों पर तुरंत एक्शन लेने की बात की जाती है। दूसरी ओर शहर में देखा जाए तो अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई है। रोजाना कोई ना कोई मामला अधिकारी और कर्मचारियों की मिली भगत से अवैध निर्माण का सामने आता है। शहर की छोटी-छोटी गलियों एवं घनी बस्तियों व बाजारों में तेजी से अवैध निर्माण होते जा रहे हैं कोई रोक-टोक नहीं दिखाई देती। अगर एक बार फिर शहर में माईथान जैसा गंभीर हादसा हुआ तो इसका कौन जिम्मेवार होगा?
एडीए के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिली भगत या कहें सांठ-गांठ का एक ताजा मामला ऑन रोड गुपचुप तरीके से तेजी से चल रहे कमर्शियल बिल्डिंग के अवैध निर्माण का सामने आया है जो की क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। रकाबगंज वार्ड के 30/127, जैन मंदिर के सामने, नियर पानी की टंकी, छिपीटोला में बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण पर 2 वर्ष पूर्व 2023 फरवरी में आवास विकास प्राधिकरण द्वारा सीलिंग की कार्यवाही की गई थी। इस भूखंड के स्वामी शशि जैन पत्नी स्वर्गीय विपिन जैन एवं पुत्र आनंद जैन हैं। यहां इस अवैध निर्माण पर मजदूर लगाकर तेजी से अचानक कार्य फिर से शुरू कर दिया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भूखंड स्वामियों ने कुछ दबंग लोगों को साथ लेकर उनको पार्टनर बनाकर सांठ-गांठ के चलते गुपचुप तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जबकि इसका नक्शा पास नहीं है व अन्य नियमों को ताक पर रख कर अधिकारियों को गुमराह कर निर्माण कार्य चल रहा है।
इस मामले की शिकायत एडीए वीसी और मंडलायुक्त आगरा व अन्य अधिकारियों से की गई है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि इस भूखंड पर अवैध कमर्शियल बिल्डिंग खड़ी की जा रही है जिसमें मार्केट तथा फ्लैटों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यहां ना तो पार्किंग की व्यवस्था की गई है और ना ही ओपन एरिया है। कर्मचारियों की मिली भगत से विभाग को गुमराह कर बिना शमन शुल्क जमा कराए बिना किसी विभाग से एनओसी प्राप्त करे ऑन रोड अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क से जो रास्ता है वहां सीवर की नाली है जिसके ऊपर अवैध रूप से सीमेंट का पक्का रैंप बनाकर सीवर नाली को अवरुद्ध कर दिया गया है जिससे आसपास की दुकानों की नाली भी अवरुद्ध हो गई हैं। अवैध निर्माण के चलते यहां मौजूद दुकान को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि अगर कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों से मामले को संज्ञान लेते हुए इस अवैध निर्माण कार्य को तुरंत रोकने की मांग की गई है।